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Friday, 2 November 2012

“सबसे अच्छी मेरी माता” (अरुणदेव यादव)

मित्रों!
      मुझे ब्लॉग बनाने की बहुत इच्छा थी परन्तु मुझे अभी ब्लॉग का क,ख,ग,घ भी नहीं आता है। मैंने फेसबुक पर श्रीमान डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक जी से अनुरोध किया कि साहब मेरा ब्लॉग बना दीजिए। मेरे आग्रह को उन्होंने प्रसन्नता से स्वीकार कर लिया और तत्काल मेरा ब्लॉग बना दिया।
       मुझे अपनी माता जी से बहुत लगाव है इसलिए मैंने इस ब्लॉग का नाम भी सबसे अच्छी मेरी माता ही रखा है।
       मैं आप सबके आशीर्वाद का आकांक्षी हूँ और श्रीमान डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंकजी के प्रति आभार सहित कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ।

 

16 comments:

  1. हिन्दी ब्लॉगिस्तान में आपका स्वागत है अरुणदेव यादव जी!

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    1. नमस्कार ,आदरणीय श्री

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  2. आपकी माता जी को प्रणाम और आपकी मातृभक्ति को सलाम!

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  3. माता के चरणों तले, स्वर्ग-लोक का सार ।

    मनोयोग से पूँजिये, बार बार आभार ।

    बार बार आभार, बचुवा बड़ा लकी है ।

    जरा दबा दे पैर, मैया लगे थकी है ।

    रविकर का आशीष, ब्लॉग जो भला बनाता ।

    रहे सदा तू बीस, कृपा कर भारत माता ।।

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  4. उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

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  5. उत्कृष्ट प्रस्तुति रविवार के चर्चा मंच पर ।।

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  6. ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है श्रीमान्‌

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  7. स्वागत और हार्दिक शुभकामनाएँ।

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  8. अच्छा लगा जानकर...... माँ तो माँ ही होती है |

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  9. स्वागत है नन्ने दोस्त उन्मुक्त भाव अपने उदगार व्यक्त करें .

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  10. अरुण देव जी!
    इस ब्लॉग पर अगली पोस्ट भी लगाइए!

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